This one is also mine.. I think am a bit depressed now ;-)
आज फिर मुझे मेरे
'ना' होने का एहसास हुआ है,
उस मीठी बूँद का, समुंदर से मिलने का एहसास हुआ है!
एक काबिल जवान, नेकदिल
इंसान,
मेरी हसी साथी, मेरा रोशनी का चिराग,
फिर भी मैं खो जाऊँगा, बेनाम हो जाऊँगा !
अब मुझे मेरा
नाम दुन्धलासा नज़र
आ रहा है,
अब
मुझे मेरा काम
फीका सा लग
रहा है !
आज भीड़-भवान्डर
मे, वजूद खोने
का एहसास हुआ
है,
आज फिर मुझे मेरे 'ना' होने का एहसास
हुआ है !